• Moxee

    *मांगी हुई खुशियों से,*

    *किसका भला होता है,*

    *किस्मत में जो लिखा होता है,*

    *उतना ही अदा होता है,*

    *न डर रे मन दुनिया से,*

    *यहाँ किसी के चाहने से,*

    *नहीं किसी का बुरा होता है,*

    *मिलता है वही,*

    *जो हमने बोया होता है,*

    *कर पुकार उस प्रभु के आगे,*

    *क्योंकि सब कुछ उसी के बस में होता है*

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